लखनऊ अग्निकांड पर PM मोदी का बड़ा ऐलान! मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख, घायलों को 50 हजार की सहायता

लखनऊ: अलीगंज क्षेत्र में तीन मंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस त्रासदी में जान-माल के नुकसान से वे बेहद दुखी हैं और उनकी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी संदेश में बताया गया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है तथा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही लखनऊ लौटे सीएम योगी

भीषण आग की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़ दिया और तत्काल लखनऊ रवाना हो गए। मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का जायजा लिया और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए हैं। साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हादसे के कारणों का पता लगाया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

धुएं और लपटों से दहला पूरा इलाका

अलीगंज स्थित तीन मंजिला इमारत में लगी आग इतनी भयावह थी कि दूर-दूर तक धुएं का घना गुबार और आग की ऊंची लपटें दिखाई देती रहीं। आग लगते ही इमारत में अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर चीख-पुकार का माहौल बन गया।

हादसे में मृतकों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों का आंकड़ा 13 से 14 तक पहुंच सकता है। राहत और बचाव दल लगातार इमारत के भीतर तलाशी अभियान चला रहे हैं।

मीडिया से बात करते हुए भावुक हुए डिप्टी सीएम

घटनास्थल पर मौजूद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक हादसे की भयावहता का जिक्र करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि अब तक 13 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि इमारत के भीतर घना धुआं भरा हुआ है, जिससे राहत कार्य में कठिनाई आ रही है।

डिप्टी सीएम के अनुसार, बचाव दल हर कमरे की जांच कर रहा है। इमारत के अंदर बड़ी मात्रा में लकड़ी का फर्नीचर मौजूद था, जिसके जलने से धुआं तेजी से फैल गया और दृश्यता लगभग खत्म हो गई। फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें लगातार अंदर पहुंचकर राहत कार्य में जुटी हुई हैं।

एनिमेशन सेंटर में हुआ हादसा, जांच शुरू

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस इमारत में आग लगी वह एक एनिमेशन प्रशिक्षण केंद्र के रूप में संचालित हो रही थी, जहां बच्चे और युवा एनिमेशन तथा कार्टून निर्माण का प्रशिक्षण लेने आते थे। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।

घायलों को तत्काल केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है, जहां उनका उपचार जारी है। प्रशासन ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

 

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